Google जगह की जानकारी का इस्तेमाल कैसे करता है

Google जगह की जानकारी का इस्तेमाल क्यों करता है?

Google निजता नीति बताती है कि जब आप Google के उत्पादों और सेवाओं के साथ जगह की जानकारी वाली सुविधा का इस्तेमाल करते हैं, तो हम उस जानकारी का इस्तेमाल कैसे करते हैं. इस पेज पर आपकी जगह की जानकारी इकट्ठा करने के बारे में ज़्यादा जानकारी दी गई है. साथ ही, यह भी बताया गया है कि आप उसे कैसे नियंत्रित कर सकते हैं.

Google की सेवाओं का मुख्य मकसद है उन्हें इस्तेमाल करने वालों की मदद करना और उन्हें उनके काम की सामग्री दिखाना. इसे पूरा करने में जगह की जानकारी अहम भूमिका निभाती है. चाहे ड्राइव करते समय रास्ता बताना हो, आपके खोज नतीजों में आपके आस-पास की चीज़ों की जानकारी शामिल करना हो या किसी रेस्टोरेंट के व्यस्त होने का समय बताना हो. जगह की जानकारी से आपको Google के सभी प्लेटफ़ॉर्म पर ज़्यादा मदद और काम की सामग्री मिल सकती है. जगह की जानकारी की मदद से उत्पादों की कुछ मुख्य सेवाएं भी ठीक से काम करती हैं. जैसे, जानकारी को सही भाषा में दिखाना या Google की सेवाओं को सुरक्षित रखना.

Google को मेरी जगह की जानकारी कैसे मिलती है?

आप जिस तरह के उत्पाद इस्तेमाल करते हैं और जो सेटिंग चुनते हैं उनके हिसाब से जगह की अलग-अलग तरह की जानकारी Google को दे सकते हैं. इस तरह की जानकारी की मदद से कुछ सेवाएं चालू की जा सकती हैं और दूसरी सेवाओं को आपके लिए बेहतर बनाया जा सकता है. आईपी पते या जगह की जानकारी जैसे रियल-टाइम सिग्नल से जगह की जानकारी मिल सकती है. यह जानकारी Google साइटों और सेवाओं पर पहले की गई गतिविधियों से भी मिल सकती है. इसका इस्तेमाल सेवाओं को आपके हिसाब से बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. नीचे उन तरीकों के बारे में बताया गया है जिनसे हमें आपकी जगह की जानकारी मिल सकती है.

आपके डिवाइस के आईपी पते से

इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते, इंटरनेट को चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. आईपी पता उस वक्त डिवाइस को असाइन किया जाता है जब डिवाइस ऑनलाइन कनेक्ट होता है. जब वेबसाइट को आपके कंप्यूटर पर कुछ भेजना होता है (उदाहरण के लिए, आपके 'Google सर्च' के नतीजे), तो उस चीज़ को सही कंप्यूटर पर भेजने के लिए वेबसाइट को आपके आईपी पते की ज़रूरत होती है. आईपी पते मोटे तौर पर भौगोलिक जानकारी पर आधारित होते हैं. इसीलिए, इनका इस्तेमाल किसी डिवाइस की जगह की सामान्य जानकारी का पता लगाने के लिए किया जा सकता है. दूसरी कई इंटरनेट सेवाओं की तरह, Google आपकी जगह की जानकारी का इस्तेमाल कुछ बुनियादी सुविधाएं देने के लिए कर सकता है (भले ही आपके डिवाइस से जगह की सटीक जानकारी न ली जा रही हो). उदाहरण के लिए, इससे हम जान पाते हैं कि आप किस देश में हमारी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही, इस जानकारी से हम खाते की असामान्य गतिविधि का पता लगा पाते हैं, जैसे कि, किसी अनजान जगह से आपके खाते में साइन इन किया जाना.

आपकी गतिविधि से

अगर आप हमारी सेवाएं इस्तेमाल करके किसी जगह से जुड़ी खोज करते हैं, तो यह माना जाएगा कि आपको उस जगह में दिलचस्पी है. ऐसा तब भी होगा जब आपका डिवाइस हमें आपकी जगह की सटीक जानकारी नहीं देगा. उदाहरण के लिए, अगर आप "पेरिस के कैफ़े" खोजते हैं, तो हम मान सकते हैं कि आप पेरिस के आस-पास की जगहें देखना चाहते हैं. ऐसे में, हम आपको नतीजों में वहां के कैफ़े दिखाएंगे. आपकी सेटिंग के हिसाब से, इस तरह की जानकारी आपके खाते में सेव की जा सकती है. साथ ही, अगर आप आने वाले समय में इस तरह की खोज करते हैं, तो इस जानकारी की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि आप अब भी पेरिस में हैं या नहीं.

आपकी सेव की गई जगहों से

आप चाहें, तो हमें अपनी अहम जगहों जैसे, घर या काम की जगह की जानकारी दे सकते हैं. इससे हम आपके घर और काम की जगह का पता अपने आप निकालकर आपको और जल्दी दिशा-निर्देश दे सकते हैं. इस जानकारी का इस्तेमाल वे नतीजे बेहतर बनाने के लिए भी किया जा सकता है, जो हम आपको देते हैं. ज़्यादा जानें

आपके डिवाइस से

आप Google और दूसरे ऐप्लिकेशन को आपके डिवाइस की जगह की जानकारी के मुताबिक आपको काम की सुविधाएं देने का मौका दे सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप अपने दोस्तों से मिलने जा रहे हैं और आपको देर हो रही है, तो शायद आप जल्दी अपनी मंज़िल पर पहुंचने के लिए किसी नेविगेशन ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल करना चाहें. हर मोड़ से जुड़े दिशा-निर्देश पाने के लिए, आपको अपने डिवाइस की जगह की जानकारी चालू करनी होगी और उस ऐप्लिकेशन को वह जानकारी एक्सेस करने की अनुमति देनी होगी.

अगर आप Android डिवाइस पर जगह की जानकारी वाली सुविधा चालू करते हैं, तो नेविगेशन, किसी ऐप्लिकेशन को अपनी मौजूदा जगह की जानकारी देने, या अपना फ़ोन ढूंढने जैसी सुविधाएं इस्तेमाल कर सकते हैं. आप आसान सेटिंग से यह भी चुन सकते हैं कि किन ऐप्लिकेशन को आपके डिवाइस की जगह की जानकारी इस्तेमाल करने की अनुमति है. आप इन सेटिंग में हर ऐप्लिकेशन को अनुमति देना चालू या बंद कर सकते हैं. ऐप्लिकेशन (जिनमें Google के ऐप्लिकेशन भी शामिल हैं) को अपने डिवाइस की जगह की जानकारी इस्तेमाल करने की अनुमति देने पर वे ऐप्लिकेशन इस डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं. Android पर आप यह देख सकते हैं कि किसी ऐप्लिकेशन ने जीपीएस से मिलने वाली फ़ोन की जगह की जानकारी इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है. आपके फ़ोन की स्क्रीन के सबसे ऊपर जगह की जानकारी का आइकॉन दिखाई देता है. ज़्यादा जानें

Google की जगह की जानकारी वाली सेवा

नेटवर्क की जगह की जानकारी देने वाली कंपनी के तौर पर Google ज़्यादातर Android डिवाइस पर 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवा' (जीएलएस) देता है. Android 9 में इसे 'Google पर जगह की सटीक जानकारी' कहा जाता है. इस सेवा का मकसद डिवाइस की जगह की ज़्यादा सटीक जानकारी देना और जगह की जानकारी को बेहतर बनाना है. ज़्यादातर मोबाइल डिवाइस में जीपीएस की सुविधा होती है. जीपीएस, डिवाइस की जगह की जानकारी का पता लगाने के लिए सैटेलाइट के सिग्नल का इस्तेमाल करता है - हालांकि, 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवा' में आपके डिवाइस की जगह तय करने के लिए आस-पास के वाई-फ़ाई, मोबाइल नेटवर्क, और डिवाइस के सेंसर से और जानकारी ली जा सकती है. ऐसा करने के लिए आपके डिवाइस से समय-समय पर जगह की जानकारी का डेटा लिया जाता है और इसका इस्तेमाल जगह की सटीक जानकारी को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. इसमें उपयोगकर्ता की पहचान छिपी रहती है.

आप किसी भी समय अपने डिवाइस की स्थान सेटिंग में जाकर Google की जगह की जानकारी वाली सेवा बंद कर सकते हैं. आपके डिवाइस की जगह की जानकारी वाली सुविधा जीएलएस बंद होने पर भी काम करेगी. हालांकि, ऐसे ऐप्लिकेशन जिनके पास ज़रूरी मंजूरी हैं उनके लिए डिवाइस की जगह का पता लगाने के लिए डिवाइस जीपीएस का इस्तेमाल करेगा. Google की जगह की जानकारी वाली सुविधा आपके डिवाइस की स्थान सेटिंग से अलग है. ज़्यादा जानें

Android में मौजूद सेटिंग और अनुमतियों से नियंत्रित होता है कि आपके डिवाइस के सेंसर (जैसे जीपीएस) या नेटवर्क पर आधारित जगह की जानकारी (जैसे जीएलएस) का इस्तेमाल, आपकी जगह की जानकारी तय करने के लिए किया जाए या नहीं. साथ ही, इनसे यह भी नियंत्रित होता है कि जगह की इस जानकारी को कौनसे ऐप्लिकेशन इस्तेमाल कर सकते हैं. इनसे आईपी पते, आपकी गतिविधि या सेव की गई जगहों या उन दूसरे प्रासंगिक निशानों के इस्तेमाल पर कोई असर नहीं पड़ता है जिनका इस्तेमाल, ऐप्लिकेशन आपकी जगह की जानकारी समझने के लिए कर सकते हैं.

मेरे Google खाते में जगह की जानकारी कैसे सेव होती है?

आप जिस तरह के उत्पाद इस्तेमाल करते हैं और जो सेटिंग चुनते हैं उनके हिसाब से Google आपके Google खातों में जगह की जानकारी सेव कर सकता है. ज़्यादातर यह जानकारी वेब और ऐप गतिविधि, और स्थान इतिहास में सेव की जाती है.

Google जगह की जानकारी का इतिहास

अगर आप 'स्थान इतिहास' चालू करते हैं और आपका डिवाइस जगह की जानकारी भेज रहा है, तो आपके साइन इन किए हुए डिवाइस की जगह की सटीक जानकारी इकट्ठा करके सेव कर दी जाएगी. भले ही आप Google उत्पाद या सेवा को उस समय इस्तेमाल न कर रहे हों. इससे आपकी टाइमलाइन बनाई जाती है. इसमें आपके स्थान इतिहास का डेटा सेव किया जाता है. साथ ही, आने वाले समय में Google पर आपको सुझाव दिखाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. आप अपनी टाइमलाइन में सेव की गई जानकारी को किसी भी समय देख, बदल, और मिटा सकते हैं.

'स्थान इतिहास' चालू होने से, आपको Google की सेवाओं पर बेहतर अनुभव मिलता है. पहले जिन जगहों पर आप खाना खा चुके हैं, 'Google मैप' पर उसी के हिसाब से रेस्टोरेंट के सुझाव दिखाए जाते हैं. इसके अलावा, घर या ऑफ़िस से निकलने के समय ट्रैफ़िक से बचने के लिए रीयल-टाइम में सुझाव और जिन जगहों पर आप गए हैं, उनके हिसाब से 'Google फ़ोटो' में एल्बम अपने आप बन जाने की सुविधा भी शामिल है.

अपनी गतिविधि नियंत्रण पर जाकर, यह पता लगाएं कि आपने स्थान इतिहास चालू किया है या नहीं. आपको साइन इन करने के लिए कहा जा सकता है. इसके बाद आप देख सकते हैं कि यह सेटिंग चालू है या नहीं. हालांकि, आप स्थान इतिहास के नए डेटा को इकट्ठा होने से रोक सकते हैं, लेकिन आपके स्थान इतिहास में पुराना डेटा तब तक मौजूद रहेगा जब तक आप उसे मिटा नहीं देते. ज़्यादा जानें

स्थान इतिहास मिटा देने पर भी, आपकी जगह की जानकारी का डेटा, 'वेब और ऐप गतिविधि' जैसी जगहों पर सेव हो सकता है.

वेब और ऐप गतिविधि

अगर 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' चालू है, तो आपकी की गई खोजें और Google की कई दूसरी सेवाओं पर की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी Google खाते में सेव की जाती है. 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' में सेव की गई गतिविधि की जानकारी में जगह की जानकारी भी हो सकती है. उदाहरण के लिए, अगर आप 'Google सर्च' में “मौसम” टाइप करते हैं और आपको मौजूदा जगह के हिसाब से नतीजे मिलते हैं, तो इस गतिविधि की जानकारी 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' में सेव की जाएगी. इस जानकारी में वह जगह की जानकारी भी शामिल है जिसके हिसाब से यह नतीजा मिला है. जिस जगह की जानकारी को इस्तेमाल किया गया या 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' में सेव किया गया, वह आपके डिवाइस से मिल सकती है. वह डिवाइस के आईपी पते और पहले की गई गतिविधि जैसे सिग्नल से भी मिल सकती है. ऐसा तब होगा जब आपने डिवाइस की जगह की जानकारी वाली सेटिंग चालू की हो.

अपनी 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' की सेटिंग चालू करने से हमें आपको ज़्यादा मददगार खोज नतीजे, आपकी ज़रूरत के हिसाब से विज्ञापन, और ज़्यादा बेहतर सुझाव दिखाने में मदद मिलती है. जैसे, पहले की गईं खोज क्वेरी के हिसाब से आपको खोज के सुझाव अपने आप दिखाई देते हैं. आप 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' में दिखाई देने वाली जानकारी देख और मिटा सकते हैं. इसके अलावा, आप अपने Google खाते से इसे कुछ समय के लिए रोक सकते हैं 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' की सुविधा कुछ समय के लिए रोकने पर, Google की दूसरी सेवाओं पर आने वाले समय में की जाने वाली खोज क्वेरी और गतिविधि की जानकारी सेव नहीं होगी. 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' का अपना डेटा मिटाने पर भी, आपकी जगह की जानकारी का डेटा, स्थान इतिहास जैसी जगहों पर सेव हो सकता है.

आपने 'वेब और ऐप गतिविधि' चालू की है या नहीं, यह जानने के लिए गतिविधि नियंत्रण पर जाएं. आपको साइन इन करने के लिए कहा जा सकता है. इसके बाद आप देख सकते हैं कि यह सेटिंग चालू है या नहीं. ज़्यादा जानें

विज्ञापन दिखाने के लिए जगह की जानकारी का इस्तेमाल कैसे होता है?

विज्ञापन आपकी जगह की सामान्य जानकारी के मुताबिक दिखाए जा सकते हैं. इसमें डिवाइस के आईपी पते से ली गई जगह की जानकारी शामिल हो सकती है. दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाने की सेटिंग लागू होने पर आपको Google खाते में अपनी गतिविधि के आधार पर भी विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं. इसमें 'वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि' में सेव की गई गतिविधि शामिल है. इसका इस्तेमाल ज़्यादा काम के विज्ञापन दिखाने के लिए किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आपने स्थान इतिहास चालू किया हुआ है और अक्सर स्की रिज़ॉर्ट में जाते रहते हैं, तो आपको बाद में कभी YouTube पर वीडियो देखते समय स्की से जुड़े सामान का विज्ञापन दिखाई दे सकता है. Google स्थान इतिहासका इस्तेमाल पहचान छिपाकर और एक साथ डेटा इकट्ठा करके भी करता है. यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए किया जाता है जिन्होंने इसके लिए सहमति दी हुई है. इसका मकसद यह आंकने में विज्ञापन देने वालों की मदद करना होता है कि किसी ऑनलाइन विज्ञापन कैंपेन से कितनी बार दर्शक दुकान या प्रॉपर्टी पर जाते हैं. हम विज्ञापन देने वालों के साथ स्थान इतिहास या उपयोगकर्ता की पहचान ज़ाहिर करने वाली कोई और जानकारी शेयर नहीं करते.

आपके Google खाते में सेव किए गए डेटा पर आपका नियंत्रण रहता है. आप जब चाहें दिलचस्पी के मुताबिक दिखाए जाने वाले विज्ञापनों को बंद कर सकते हैं. आपकी दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाने की सुविधा बंद होने पर, Google आपको ज़्यादा काम के विज्ञापन दिखाने के लिए Google खाते में सेव किए गए डेटा का इस्तेमाल नहीं करता है.